प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 2026 में ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में आवास निर्माण का काम आगे बढ़ रहा है। खास तौर पर ग्रामीण इलाकों में PMAY-G के नए चरण के तहत बड़ी संख्या में पक्के घर बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 12 अगस्त 2026 तक PMAY-G के तहत 3.91 करोड़ से ज्यादा घर मंजूर किए जा चुके हैं और 3.13 करोड़ घर पूरे हो चुके हैं। वहीं शहरी क्षेत्रों में PMAY-U 2.0 के तहत नए पात्र परिवारों को घर बनाने, खरीदने या किराये के आवास के लिए सहायता देने की व्यवस्था जारी है।
2026 में PM आवास योजना का नया चरण क्या है
ग्रामीण क्षेत्रों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण यानी PMAY-G का नया चरण वित्त वर्ष 2024-25 से 2028-29 तक चल रहा है। इस चरण में देश में 2 करोड़ अतिरिक्त पक्के घर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का उद्देश्य ऐसे पात्र ग्रामीण परिवारों तक आवास सुविधा पहुंचाना है जो अभी कच्चे या जर्जर घरों में रह रहे हैं।
2026 में इस योजना के काम को और तेज किया गया है। मई 2026 में केंद्र सरकार ने 12 राज्यों के लिए PMAY-G के तहत 10,021.42 करोड़ रुपये की अतिरिक्त मदर सैंक्शन जारी की थी। सरकार ने बताया था कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए आवास का लक्ष्य पिछले वर्ष की तुलना में तीन गुना रखा गया है।
इसका मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति को 2026 में अपने आप घर की मंजूरी मिल जाएगी। लाभ उन्हीं परिवारों को मिलेगा जो योजना की पात्रता पूरी करते हैं और सरकारी प्रक्रिया में पात्र पाए जाते हैं।
गांवों में नए घरों का काम किस तरह आगे बढ़ रहा है
PMAY-G का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण गरीब परिवारों को बुनियादी सुविधाओं वाला पक्का घर उपलब्ध कराना है। योजना में घर के साथ शौचालय, पानी और बिजली जैसी जरूरी सुविधाओं से दूसरी सरकारी योजनाओं के जरिए जोड़ने पर भी जोर दिया जाता है।
अगस्त 2026 तक के सरकारी आंकड़ों के अनुसार योजना के तहत 3.91 करोड़ से ज्यादा घर मंजूर हो चुके थे और 3.13 करोड़ घरों का निर्माण पूरा हो चुका था। इससे पता चलता है कि बड़ी संख्या में मंजूर घर निर्माण के अलग-अलग चरणों में हैं।
2026 में PMAY-G की स्थिति को आसान तरीके से ऐसे समझ सकते हैं:
| जानकारी | स्थिति |
|---|---|
| PMAY-G के तहत कुल मंजूर घर | 3.91 करोड़ से अधिक |
| 12 अगस्त 2026 तक पूरे घर | 3.13 करोड़ |
| नए चरण की अवधि | 2024-25 से 2028-29 |
| नए चरण का अतिरिक्त लक्ष्य | 2 करोड़ पक्के घर |
| 2026-27 में PMAY-G बजट आवंटन | ₹54,916.70 करोड़ |
केंद्र सरकार के 2026-27 बजट संबंधी आंकड़ों में PMAY-G के लिए ₹54,916.70 करोड़ का आवंटन बताया गया
उत्तर प्रदेश में भी नए घरों की मंजूरी
उत्तर प्रदेश के ग्रामीण परिवारों के लिए 2026 में PMAY-G से जुड़ी बड़ी मंजूरी सामने आई है। 25 जून 2026 को केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश के लिए 6,18,482 पक्के घरों को मंजूरी देने की जानकारी दी। ये घर PMAY-G के नए चरण के तहत दिए जाने हैं।
सरकार के अनुसार उत्तर प्रदेश में ग्रामीण परिवारों का सर्वे पूरा किया जा चुका है और कच्चे घरों में रहने वाले पात्र गरीब परिवारों की पहचान की गई है। इसके बाद पात्र परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर आवास देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
इसलिए अगर कोई परिवार उत्तर प्रदेश में रहता है और PMAY-G के लिए पात्र है, तो उसे अपने गांव की ग्राम पंचायत और संबंधित ग्रामीण विकास विभाग से अपने नाम तथा आवास की स्थिति की जानकारी लेनी चाहिए।
PMAY-G में कितनी आर्थिक मदद मिलती है
PMAY-G के तहत सामान्य मैदानी क्षेत्रों में प्रति घर ₹1.20 लाख और पहाड़ी तथा कठिन क्षेत्रों में ₹1.30 लाख की केंद्रीय सहायता का प्रावधान बताया गया है। इसके अलावा योजना को दूसरी सरकारी सुविधाओं के साथ जोड़ने की व्यवस्था है।
यह राशि घर बनाने के लिए सरकारी सहायता है। इसे हर परिवार के लिए एक साथ मिलने वाली सामान्य नकद राशि नहीं समझना चाहिए। भुगतान और निर्माण की प्रक्रिया योजना के नियमों और निर्धारित चरणों के अनुसार होती है।
लाभार्थियों का चयन भी केवल आवेदन करने से नहीं हो जाता। परिवार की आर्थिक और आवासीय स्थिति तथा सरकारी रिकॉर्ड में उपलब्ध जानकारी के आधार पर पात्रता तय की जाती है।
शहरों में PMAY-U 2.0 के तहत क्या नया है
अगर परिवार गांव के बजाय शहर में रहता है तो उसके लिए प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 लागू है। यह योजना 1 सितंबर 2024 से पांच साल के लिए लागू की गई है और इसका लक्ष्य शहरी क्षेत्रों में पात्र परिवारों को घर बनाने, खरीदने या किराये का किफायती आवास उपलब्ध कराने में सहायता देना है।
PMAY-U 2.0 में चार मुख्य हिस्से हैं:
- Beneficiary Led Construction यानी अपनी जमीन पर पात्र परिवार द्वारा घर बनाना।
- Affordable Housing in Partnership यानी साझेदारी में बनाए गए किफायती घर।
- Affordable Rental Housing यानी कम आय वाले लोगों के लिए किफायती किराये के घर।
- Interest Subsidy Scheme यानी पात्र परिवारों के होम लोन पर ब्याज में सहायता।
शहरी योजना के तहत पात्र EWS, LIG और MIG परिवारों को उनकी स्थिति और चुने गए विकल्प के अनुसार लाभ मिल सकता है। पात्र परिवार के पास देश में कहीं भी अपने या परिवार के किसी सदस्य के नाम पक्का घर नहीं होना चाहिए।
2026 में लाभ लेने वाले परिवारों को क्या करना चाहिए
सबसे पहले यह पता करना जरूरी है कि परिवार ग्रामीण PMAY-G में आता है या शहरी PMAY-U 2.0 में। इसके बाद संबंधित सरकारी रिकॉर्ड में नाम और पात्रता की स्थिति जांचनी चाहिए।
ग्रामीण परिवार अपने ग्राम पंचायत, ब्लॉक कार्यालय या संबंधित ग्रामीण विकास विभाग से PMAY-G की जानकारी ले सकते हैं। शहरी परिवार PMAY-U 2.0 के आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन और स्थिति से जुड़ी जानकारी देख सकते हैं।
किसी व्यक्ति को केवल सोशल मीडिया संदेश देखकर यह नहीं मानना चाहिए कि उसके नाम PM आवास योजना का पैसा या घर मंजूर हो गया है। मंजूरी की सही जानकारी सरकारी रिकॉर्ड से ही जांचनी चाहिए।
2026 में योजना की सबसे बड़ी बात
PM आवास योजना का 2026 का काम केवल नए घरों की मंजूरी तक सीमित नहीं है। सरकार का जोर पहले से मंजूर घरों को पूरा करने और नए पात्र परिवारों को नए चरण में शामिल करने पर भी है।
ग्रामीण योजना में 2024-25 से 2028-29 तक 2 करोड़ अतिरिक्त घरों का लक्ष्य रखा गया है। वहीं शहरी PMAY-U 2.0 के तहत एक करोड़ अतिरिक्त शहरी परिवारों को घर बनाने, खरीदने या किराये के आवास में सहायता देने का लक्ष्य है।
सरकार के 2026 के एक मूल्यांकन में PMAY-G के बारे में यह भी बताया गया कि योजना से लाभ पाने वाले परिवारों की आवास सुरक्षा और जीवन की गुणवत्ता में सुधार देखा गया है। अध्ययन में स्वच्छता, स्वास्थ्य, बचत और आर्थिक स्थिति से जुड़े सकारात्मक असर भी दर्ज किए गए।
2026 में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में काम आगे बढ़ रहा है। PMAY-G के नए चरण में 2024-25 से 2028-29 के दौरान 2 करोड़ अतिरिक्त ग्रामीण पक्के घर बनाने का लक्ष्य है, जबकि PMAY-U 2.0 शहरी क्षेत्रों के पात्र परिवारों को घर बनाने, खरीदने और किफायती किराये के आवास के लिए सहायता देता है।
ग्रामीण परिवारों के लिए 2026 खास तौर पर महत्वपूर्ण है, क्योंकि नए चरण में राज्यों को नए आवास लक्ष्य दिए जा रहे हैं और निर्माण का काम तेज करने पर जोर है। हालांकि, किसी परिवार को लाभ तभी मिलेगा जब वह योजना की शर्तों के अनुसार पात्र हो और सरकारी प्रक्रिया में उसका नाम मंजूर हो। इसलिए लाभार्थियों को अपने ग्राम पंचायत या संबंधित सरकारी कार्यालय से नाम और मंजूरी की स्थिति जरूर जांचनी चाहिए।