कीटनाशक और फंगीसाइड और ग्रोथ प्रमोटर का दमदार कॉम्बिनेशन।Best Fertilizer Dose For Crops

कीटनाशक और फंगीसाइड और ग्रोथ प्रमोटर का दमदार कॉम्बिनेशन।Best Fertilizer Dose For Crops

फसल में कीट और रोग का प्रकोप होने पर किसान अक्सर एक ही स्प्रे में कीटनाशक, फंगीसाइड और ग्रोथ प्रमोटर के साथ पोषक तत्व देने की कोशिश करते हैं। इससे समय और श्रम की बचत हो सकती है, लेकिन हर उत्पाद को एक साथ मिलाना सही नहीं होता।

सबसे जरूरी बात यह है कि किसी भी कॉम्बिनेशन की सफलता केवल ज्यादा दवा या ज्यादा खाद डालने पर निर्भर नहीं करती। फसल की जरूरत, रोग-कीट की स्थिति, पौधे की अवस्था और इस्तेमाल किए जा रहे उत्पादों की आपसी संगतता देखकर ही स्प्रे तैयार करना चाहिए।

कीटनाशक, फंगीसाइड और ग्रोथ प्रमोटर एक साथ क्यों इस्तेमाल किए जाते हैं

कीटनाशक का मुख्य काम फसल को नुकसान पहुंचाने वाले कीटों को नियंत्रित करना होता है, जबकि फंगीसाइड का इस्तेमाल फफूंदजनित रोगों के प्रबंधन के लिए किया जाता है। दूसरी तरफ ग्रोथ प्रमोटर या पौध वृद्धि बढ़ाने वाले उत्पादों का उद्देश्य पौधे की वृद्धि, विकास या किसी विशेष अवस्था में पौधे की कार्यक्षमता को बेहतर करने में सहायता करना हो सकता है।

इसी वजह से कई किसान चाहते हैं कि कीट, रोग और पौधे की कमजोरी से जुड़ी समस्या को एक ही स्प्रे में संभाल लिया जाए। कुछ विशेष परिस्थितियों में अलग-अलग उत्पादों का टैंक मिक्स इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हर कीटनाशक को हर फंगीसाइड या हर ग्रोथ प्रमोटर के साथ मिलाया जा सकता है।

कृषि अनुसंधान में भी कुछ विशेष संयोजनों की संगतता का परीक्षण किया गया है। उदाहरण के लिए, कुछ परिस्थितियों में पोषक तत्वों या नैनो यूरिया को कुछ खरपतवारनाशकों के साथ इस्तेमाल करने पर बेहतर परिणाम दर्ज किए गए हैं। इससे यह बात स्पष्ट होती है कि मिश्रण का फैसला सामान्य नियम से नहीं, बल्कि विशेष उत्पाद और फसल के आधार पर किया जाना चाहिए।

दमदार कॉम्बिनेशन बनाने से पहले किन बातों का ध्यान रखें

किसान को सबसे पहले यह तय करना चाहिए कि फसल में वास्तविक समस्या क्या है। यदि खेत में कीट मौजूद ही नहीं हैं तो केवल आदत के कारण कीटनाशक मिलाना जरूरी नहीं है। इसी तरह फंगीसाइड का प्रयोग भी बीमारी या उसके जोखिम के अनुसार होना चाहिए।

किसी भी मिश्रण में सबसे महत्वपूर्ण चीज उत्पाद की लेबल सिफारिश है। अलग-अलग कंपनियों के उत्पादों में सक्रिय तत्व, फॉर्मुलेशन और सांद्रता अलग हो सकती है। इसलिए केवल दवा के नाम के आधार पर मात्रा तय करना सही तरीका नहीं है।

टैंक में कई उत्पाद डालने से पहले इन बातों को देखना चाहिए:

  • प्रत्येक उत्पाद की फसल और उपयोग अवस्था के लिए अनुशंसित मात्रा देखें।
  • यह जांचें कि सभी उत्पाद एक-दूसरे के साथ मिलाने के लिए संगत हैं या नहीं।
  • बहुत अधिक उत्पाद एक साथ डालकर घोल को जरूरत से ज्यादा सघन न बनाएं।
  • मिश्रण तैयार करने के बाद लंबे समय तक रखने के बजाय निर्देशानुसार तुरंत उपयोग करें।

यदि किसी उत्पाद के लेबल पर दूसरे उत्पाद के साथ मिलाने की स्पष्ट अनुमति या सिफारिश नहीं है, तो कृषि विशेषज्ञ की सलाह के बिना ऐसा मिश्रण करना उचित नहीं है।

Best Fertilizer Dose For Crops यानी सही खाद की मात्रा कैसे तय होती है

फसल के लिए खाद की कोई एक सार्वभौमिक मात्रा नहीं होती। गेहूं, धान, मक्का, कपास, गन्ना, सब्जियों और फलों की पोषण जरूरत अलग होती है। इसके अलावा मिट्टी में पहले से मौजूद पोषक तत्व, फसल की किस्म, सिंचाई, मौसम और उत्पादन लक्ष्य भी खाद की जरूरत को प्रभावित करते हैं।

इसीलिए केवल यह सोचकर कि ज्यादा खाद से पौधा तेजी से बढ़ेगा, मात्रा बढ़ाना नुकसानदायक हो सकता है। संतुलित पोषण का मतलब पौधे को उसकी जरूरत के अनुसार पोषक तत्व उपलब्ध कराना है।

विशेष रूप से नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश के साथ जिंक, आयरन, बोरॉन, मैग्नीशियम और अन्य सूक्ष्म पोषक तत्वों की जरूरत भी कुछ फसलों और मिट्टी की परिस्थितियों में सामने आ सकती है। लेकिन इन सभी को हर फसल में एक साथ देना जरूरी नहीं होता।

इसलिए खाद की मात्रा तय करने का बेहतर आधार मिट्टी की जांच और संबंधित फसल की अनुशंसित पोषण व्यवस्था है। कृषि विशेषज्ञों द्वारा भी संतुलित और मिट्टी जांच आधारित उर्वरक प्रबंधन पर जोर दिया जाता है।

ग्रोथ प्रमोटर के साथ खाद और दवा मिलाते समय सावधानी

ग्रोथ प्रमोटर को सामान्य खाद या कीटनाशक का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। इसका इस्तेमाल उत्पाद के निर्धारित उद्देश्य और फसल की उपयुक्त अवस्था के अनुसार होना चाहिए। कुछ उत्पादों में सूक्ष्म पोषक तत्व, पौध वृद्धि नियामक या अन्य घटक शामिल हो सकते हैं, इसलिए उनकी मात्रा उत्पाद की संरचना के अनुसार बदलती है।

अगर किसान पहले से ही फंगीसाइड और कीटनाशक का इस्तेमाल कर रहा है और उसी टैंक में ग्रोथ प्रमोटर तथा कई पोषक तत्व भी जोड़ देता है, तो मिश्रण की कुल जटिलता बढ़ जाती है। इससे घोल की भौतिक या रासायनिक संगतता प्रभावित हो सकती है और कुछ परिस्थितियों में पत्तियों पर नुकसान का जोखिम भी बढ़ सकता है।

इसलिए किसी भी नए मिश्रण को पूरे खेत में इस्तेमाल करने से पहले सीमित क्षेत्र में परीक्षण करना अधिक सुरक्षित तरीका है। यदि घोल में परत बनना, तलछट, गांठ, अत्यधिक झाग या अन्य असामान्य बदलाव दिखाई दें, तो उसे पूरे खेत में इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

स्प्रे की मात्रा बढ़ाना हमेशा बेहतर परिणाम नहीं देता

कृषि में एक आम गलती यह है कि किसान दवा या खाद की मात्रा बढ़ाकर बेहतर परिणाम की उम्मीद करता है। वास्तव में अनुशंसित मात्रा से अधिक इस्तेमाल करने पर जरूरी नहीं कि कीट या रोग नियंत्रण उसी अनुपात में बढ़ जाए।

अधिक मात्रा से फसल पर प्रतिकूल प्रभाव, अनावश्यक लागत और पर्यावरण पर अतिरिक्त दबाव जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। इसी कारण कीटनाशक और फंगीसाइड का इस्तेमाल जरूरत के अनुसार और अनुशंसित मात्रा में करना महत्वपूर्ण है।

स्प्रे की सफलता केवल घोल में डाली गई सामग्री पर निर्भर नहीं करती। पानी की गुणवत्ता, स्प्रे मशीन, नोजल, मौसम, पत्तियों पर कवरेज और सही समय भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। रोग या कीट की शुरुआती अवस्था में सही पहचान के बाद किया गया उचित उपचार कई बार अनावश्यक बार-बार छिड़काव से अधिक प्रभावी होता है।

फसल के हिसाब से अलग हो सकता है सही कॉम्बिनेशन

एक ही कॉम्बिनेशन को सभी फसलों पर लागू करना सही नहीं है। उदाहरण के लिए धान में इस्तेमाल होने वाली दवा और पोषण व्यवस्था सब्जियों, कपास या फलदार पौधों से अलग हो सकती है। इसी तरह पौधे की उम्र और विकास अवस्था बदलने पर पोषक तत्वों की जरूरत भी बदल सकती है।

किसान को पहले फसल की वर्तमान अवस्था पहचाननी चाहिए और फिर यह देखना चाहिए कि समस्या कीट की है, रोग की है, पोषण की कमी की है या इनका मिश्रण है। इसके बाद ही उपचार का चुनाव करना चाहिए।

यदि केवल पोषक तत्वों की कमी है, तो अनावश्यक कीटनाशक या फंगीसाइड मिलाने की जरूरत नहीं है। यदि कीट नहीं है तो केवल ग्रोथ प्रमोटर के साथ कीटनाशक डालना भी उचित नहीं माना जा सकता। इसी तरह रोग की पहचान के बिना बार-बार फंगीसाइड का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।

किसान के लिए सबसे सुरक्षित और व्यावहारिक तरीका

दमदार कॉम्बिनेशन का मतलब टैंक में अधिक से अधिक उत्पाद डालना नहीं है। वास्तव में बेहतर कॉम्बिनेशन वही है जिसमें फसल की जरूरत के अनुसार कम से कम आवश्यक उत्पाद सही मात्रा और सही समय पर इस्तेमाल किए जाएं।

कीटनाशक की मात्रा संबंधित कीट और उसके लिए स्वीकृत उत्पाद की अनुशंसा के अनुसार होनी चाहिए। फंगीसाइड का चुनाव रोग और फसल के अनुसार होना चाहिए। वहीं ग्रोथ प्रमोटर या पोषक तत्वों का इस्तेमाल पौधे की वास्तविक जरूरत को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए।

स्प्रे से पहले उत्पाद का लेबल पढ़ना और मिश्रण की संगतता की पुष्टि करना जरूरी है। किसी भी उत्पाद की मात्रा केवल दूसरे किसान के अनुभव या सोशल मीडिया पर बताए गए फार्मूले के आधार पर तय नहीं करनी चाहिए।

निष्कर्ष

कीटनाशक, फंगीसाइड, ग्रोथ प्रमोटर और उर्वरक का सही इस्तेमाल फसल प्रबंधन में उपयोगी हो सकता है, लेकिन हर चीज को एक साथ मिलाकर स्प्रे करना कोई सार्वभौमिक या सुरक्षित फार्मूला नहीं है। सही परिणाम के लिए सबसे पहले फसल की समस्या और अवस्था की पहचान जरूरी है।

Best Fertilizer Dose For Crops भी किसी एक निश्चित मात्रा का नाम नहीं है। खाद की सही मात्रा फसल, मिट्टी, पोषक तत्वों की उपलब्धता और फसल की जरूरत के आधार पर तय होती है। इसी तरह कीटनाशक और फंगीसाइड की मात्रा संबंधित उत्पाद की अनुशंसित खुराक से ही तय की जानी चाहिए।

किसान अगर संतुलित पोषण, सही दवा, उचित मात्रा और सही समय को प्राथमिकता देता है, तो अनावश्यक खर्च और फसल पर अतिरिक्त रासायनिक दबाव से बचते हुए बेहतर फसल प्रबंधन किया जा सकता है। इसलिए सबसे दमदार कॉम्बिनेशन वही है जो फसल की वास्तविक जरूरत के मुताबिक वैज्ञानिक तरीके से चुना जाए, न कि वह जिसमें सबसे ज्यादा उत्पाद मिला दिए जाएं।

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