गोबर और अच्छी तरह सड़ी हुई जैविक खाद केवल खेत में खाद के रूप में ही काम नहीं आती, बल्कि इसमें मौजूद ह्यूमिफाइड कार्बनिक पदार्थ से ह्यूमिक पदार्थ प्राप्त किए जा सकते हैं। इसी वजह से किसान गोबर की पुरानी खाद या वर्मी कम्पोस्ट से ह्यूमिक पदार्थ का घरेलू स्तर पर उपयोग करने की जानकारी जानना चाहते हैं।
हालांकि एक जरूरी बात समझना जरूरी है कि घर पर तैयार किया गया घोल बाजार में मिलने वाले मानकीकृत ह्यूमिक एसिड उत्पाद के बिल्कुल समान नहीं माना जा सकता। वास्तविक ह्यूमिक एसिड को अलग करने के लिए क्षारीय निष्कर्षण और कई मामलों में अम्लीय पृथक्करण जैसी प्रक्रियाओं का इस्तेमाल किया जाता है। नीचे दिए गए तरीके इसी सिद्धांत को आसान रूप में समझाते हैं।
गोबर से Humic Acid क्यों बनाया जाता है
पुराने और अच्छी तरह सड़े हुए गोबर की खाद में कार्बनिक पदार्थ के टूटने और बदलने से ह्यूमिक पदार्थ बनते हैं। मिट्टी में ऐसे पदार्थ कार्बनिक पदार्थ की गुणवत्ता, पोषक तत्वों के व्यवहार और मिट्टी की भौतिक दशाओं से जुड़े होते हैं।
ताजा गोबर की तुलना में पूरी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद या वर्मी कम्पोस्ट इस काम के लिए ज्यादा उपयुक्त होती है। ताजा गोबर में ह्यूमिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई होती, इसलिए उससे सीधे उच्च गुणवत्ता वाला ह्यूमिक पदार्थ मिलने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।
वैज्ञानिक स्तर पर ह्यूमिक एसिड को दूसरे ह्यूमिक पदार्थों से उसकी घुलनशीलता के आधार पर अलग किया जाता है। क्षारीय माध्यम में ह्यूमिक एसिड घुल जाता है, जबकि बहुत अम्लीय अवस्था में यह दोबारा अवक्षेपित हो सकता है। यही आधार घरेलू स्तर पर बताए जाने वाले कई निष्कर्षण तरीकों के पीछे है।
Formula 1: पुरानी गोबर की खाद से काला Humic-Rich Extract
सबसे आसान तरीका उन किसानों के लिए है जो घर पर किसी जटिल रासायनिक प्रक्रिया के बिना गोबर की पुरानी खाद का जैविक अर्क तैयार करना चाहते हैं। इसे शुद्ध या मानकीकृत ह्यूमिक एसिड कहना सही नहीं होगा, लेकिन इसमें घुलनशील कार्बनिक पदार्थ और ह्यूमिक प्रकृति के यौगिक हो सकते हैं।
इसके लिए पूरी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद लें। खाद में बड़े डंठल, पत्थर और प्लास्टिक जैसी अशुद्धियां नहीं होनी चाहिए। खाद को पानी में अच्छी तरह मिलाकर कुछ समय रखने के बाद कपड़े या महीन जाली से छानकर तरल भाग अलग किया जा सकता है।
इस तरीके से मिलने वाला घोल गहरे भूरे या काले रंग का हो सकता है। रंग गहरा होने मात्र से यह साबित नहीं होता कि उसमें ह्यूमिक एसिड की मात्रा अधिक है, इसलिए इसे बाजार के ह्यूमिक एसिड की तरह निश्चित सांद्रता वाला उत्पाद नहीं मानना चाहिए।
इस विधि का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें तेज क्षार या अम्ल के इस्तेमाल की जरूरत नहीं पड़ती। इसलिए छोटे किसान इसे जैविक कार्बनिक अर्क के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं।
Formula 2: गोबर की खाद से क्षारीय Humic Extract
यदि उद्देश्य वास्तव में गोबर की खाद में मौजूद ह्यूमिक पदार्थ को क्षारीय माध्यम से निकालना है, तो वैज्ञानिक निष्कर्षण पद्धति का आधार क्षारीय घोल है। प्रयोगशाला अध्ययनों में गोबर की खाद और वर्मी कम्पोस्ट से ह्यूमिक पदार्थ निकालने के लिए सोडियम हाइड्रॉक्साइड या अन्य क्षारीय निष्कर्षक का इस्तेमाल किया गया है।
घरेलू स्तर पर इस प्रक्रिया को बिना पर्याप्त रासायनिक जानकारी के करने में सावधानी जरूरी है। सोडियम हाइड्रॉक्साइड और पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड जैसे पदार्थ तेज क्षार होते हैं और त्वचा तथा आंखों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए इन्हें सामान्य घरेलू प्रयोग की तरह न तो नंगे हाथों से संभालना चाहिए और न ही बिना माप के मिलाना चाहिए।
वैज्ञानिक प्रक्रिया में सूखी और छनी हुई गोबर की खाद को नियंत्रित मात्रा में क्षारीय घोल के साथ मिलाया जाता है। मिश्रण को निर्धारित समय तक संपर्क में रखने के बाद ठोस और तरल भाग अलग किए जाते हैं। इसके बाद प्रयोगशाला स्तर पर अम्लीकरण करके ह्यूमिक एसिड और फुल्विक अंशों को अलग किया जा सकता है।
घर पर केवल क्षारीय अर्क तैयार करने पर मिलने वाला काला तरल सीधे शुद्ध ह्यूमिक एसिड नहीं होता। उसमें अन्य घुलनशील कार्बनिक पदार्थ, लवण और मूल खाद से आए दूसरे घटक भी मौजूद रह सकते हैं। इसलिए बिना परीक्षण के इसकी निश्चित प्रतिशत मात्रा बताना सही नहीं होगा।
Formula 3: वर्मी कम्पोस्ट और गोबर की पुरानी खाद का Humic Extract
तीसरा तरीका अधिक ह्यूमिफाइड जैविक पदार्थ को आधार बनाकर अर्क तैयार करना है। इसके लिए अच्छी तरह तैयार वर्मी कम्पोस्ट या पुरानी सड़ी हुई गोबर की खाद को प्राथमिक कच्चे माल के रूप में लिया जा सकता है।
अध्ययनों में वर्मी कम्पोस्ट और फार्मयार्ड मैन्योर से क्षारीय निष्कर्षण द्वारा ह्यूमिक एसिड प्राप्त किया गया है। कुछ परीक्षणों में वर्मी कम्पोस्ट से प्राप्त ह्यूमिक अंश ने फार्मयार्ड मैन्योर की तुलना में बेहतर गुण दिखाए। इसका अर्थ यह नहीं है कि हर घर में तैयार वर्मी कम्पोस्ट से एक जैसी मात्रा या गुणवत्ता का ह्यूमिक एसिड मिलेगा, क्योंकि खाद की उम्र, कच्चा माल, नमी और सड़ने की अवस्था से परिणाम बदल सकते हैं।
इस तरीके में अच्छी तरह पकी हुई वर्मी कम्पोस्ट को छानकर मोटे कण हटाए जाते हैं। इसके बाद यदि केवल जैविक अर्क चाहिए तो पानी आधारित निष्कर्षण किया जा सकता है। वास्तविक ह्यूमिक अंश को अलग करना हो तो नियंत्रित क्षारीय निष्कर्षण और बाद की पृथक्करण प्रक्रिया की जरूरत पड़ती है।
तीनों तरीकों में सबसे महत्वपूर्ण बात कच्चे माल की गुणवत्ता है। ताजा गोबर से तुरंत तैयार किया गया घोल और लंबे समय से अच्छी तरह ह्यूमिफाइड खाद से तैयार अर्क एक जैसा नहीं होगा।
खेत में Homemade Humic Extract का इस्तेमाल कैसे करें
घरेलू स्तर पर तैयार अर्क की सबसे बड़ी समस्या उसकी वास्तविक सांद्रता का पता न होना है। बाजार के मानकीकृत उत्पादों की तरह घरेलू घोल में ह्यूमिक एसिड की निश्चित प्रतिशत मात्रा तय नहीं होती। इसलिए इसकी मात्रा देखकर बहुत ज्यादा डालना उचित नहीं है।
यदि पानी आधारित जैविक अर्क तैयार किया गया है तो पहले थोड़ी मात्रा में पौधों पर परीक्षण करना बेहतर है। खासकर नाजुक सब्जियों, नई पौध और पत्तियों पर सीधे तेज सांद्रता वाला अज्ञात घोल डालने से बचना चाहिए।
क्षारीय तरीके से तैयार अर्क के मामले में सावधानी और भी जरूरी है। यदि घोल का pH बहुत अधिक है तो उसे सीधे पत्तियों या जड़ों के पास डालना पौधों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। बिना pH की जानकारी के किसी मजबूत क्षारीय अर्क को खेत में इस्तेमाल करना उचित नहीं है।
व्यावहारिक रूप से ह्यूमिक पदार्थों का उपयोग मिट्टी में कार्बनिक पदार्थ प्रबंधन के एक हिस्से के रूप में समझना चाहिए, न कि इसे खाद या संतुलित उर्वरक का पूरा विकल्प मानना चाहिए।
इस्तेमाल से पहले इन बातों का रखें ध्यान
घरेलू ह्यूमिक अर्क बनाते समय सबसे ज्यादा गलती मात्रा और गुणवत्ता को लेकर होती है। काला रंग देखकर किसान अक्सर उसे बहुत शक्तिशाली ह्यूमिक एसिड समझ लेते हैं, जबकि रंग अकेले गुणवत्ता या सांद्रता का प्रमाण नहीं है।
- केवल अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद या तैयार वर्मी कम्पोस्ट को कच्चे माल के रूप में प्राथमिकता दें।
- ताजा गोबर, प्लास्टिक, कांच, रासायनिक कचरे या संदिग्ध सामग्री को मिश्रण में शामिल न करें।
- तेज क्षार या अम्ल के साथ काम करते समय दस्ताने, आंखों की सुरक्षा और उचित रासायनिक सावधानी जरूरी है।
- बिना pH और सांद्रता जाने मजबूत अर्क को सीधे पत्तियों पर स्प्रे करने से बचें।
खास तौर पर क्षारीय निष्कर्षण को सामान्य देसी खाद घोल समझना ठीक नहीं है। यह रासायनिक प्रक्रिया है और गलत मात्रा में क्षार डालने से तैयार घोल पौधों, मिट्टी और उपयोग करने वाले व्यक्ति के लिए समस्या पैदा कर सकता है।
क्या Homemade Humic Acid बाजार वाले ह्यूमिक एसिड जैसा होता है
यह सबसे महत्वपूर्ण सवाल है। घर पर गोबर से तैयार काला अर्क और मानकीकृत ह्यूमिक एसिड उत्पाद को एक ही चीज मानना सही नहीं है।
व्यावसायिक ह्यूमिक उत्पादों में सामान्यतः उनकी संरचना और निर्धारित गुणों के आधार पर गुणवत्ता नियंत्रित की जाती है, जबकि घर पर तैयार अर्क की वास्तविक ह्यूमिक एसिड मात्रा, फुल्विक अंश, लवण, pH और दूसरे कार्बनिक पदार्थों की मात्रा अलग-अलग हो सकती है।
इसलिए यदि किसी किसान को केवल खेत में जैविक कार्बनिक पदार्थ का अर्क इस्तेमाल करना है तो अच्छी तरह सड़ी खाद से तैयार सुरक्षित जैविक अर्क एक अलग विकल्प है। लेकिन यदि उद्देश्य निश्चित प्रतिशत वाला ह्यूमिक एसिड तैयार करना है, तो प्रयोगशाला स्तर की निष्कर्षण, पृथक्करण और जांच जरूरी होगी।
खेती में इसका सही फायदा कैसे समझें
ह्यूमिक पदार्थों का महत्व मुख्य रूप से मिट्टी के कार्बनिक पदार्थ और पौधों के आसपास के पोषक वातावरण से जुड़ा है। वे मिट्टी के भौतिक और रासायनिक गुणों के साथ परस्पर क्रिया कर सकते हैं तथा कुछ पोषक तत्वों के साथ जटिल यौगिक बनाने की क्षमता रखते हैं।
लेकिन ह्यूमिक अर्क को किसी चमत्कारी टॉनिक के रूप में देखना सही नहीं है। यदि खेत में पोषक तत्वों की कमी, खराब जल निकास, अत्यधिक लवणता या अन्य गंभीर समस्या है तो केवल ह्यूमिक अर्क से समस्या का समाधान नहीं होगा।
अच्छी सड़ी गोबर की खाद, फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन, संतुलित उर्वरक उपयोग और मिट्टी की वास्तविक जरूरत के अनुसार पोषण प्रबंधन अधिक महत्वपूर्ण आधार हैं। ह्यूमिक पदार्थ इन व्यवस्थाओं का सहायक हिस्सा हो सकते हैं।
निष्कर्ष
गोबर से ह्यूमिक पदार्थ प्राप्त करने की अवधारणा वैज्ञानिक रूप से संभव है, क्योंकि सड़ी हुई गोबर की खाद और वर्मी कम्पोस्ट में ह्यूमिक पदार्थ मौजूद होते हैं और इन्हें क्षारीय निष्कर्षण जैसी प्रक्रियाओं से अलग किया जा सकता है। लेकिन घर पर तैयार हर काले रंग के घोल को शुद्ध ह्यूमिक एसिड कहना सही नहीं होगा।
किसान के लिए सबसे आसान रास्ता अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद या वर्मी कम्पोस्ट से सुरक्षित जैविक अर्क तैयार करना है। वहीं वास्तविक ह्यूमिक एसिड को अलग करने के लिए क्षारीय निष्कर्षण और नियंत्रित पृथक्करण की जरूरत पड़ती है। खासकर तेज क्षार और अम्ल वाले तरीकों में बिना सही जानकारी के प्रयोग करने के बजाय सुरक्षा को प्राथमिकता देना चाहिए।
इसलिए गोबर से Homemade Humic Acid बनाने का सबसे सही अर्थ यह है कि उपलब्ध जैविक खाद से ह्यूमिक पदार्थों से भरपूर अर्क तैयार किया जाए और उसकी सीमाओं को समझते हुए खेत में इस्तेमाल किया जाए। निश्चित सांद्रता और शुद्धता वाला ह्यूमिक एसिड चाहिए तो परीक्षण किया हुआ मानकीकृत उत्पाद अधिक भरोसेमंद विकल्प रहेगा।


