कंप्यूटर या लैपटॉप समय के साथ धीमा होने लगे तो काम करने में काफी परेशानी होती है। ऐप खुलने में ज्यादा समय लगना, Windows का देर से शुरू होना और बार-बार सिस्टम हैंग होना आम समस्याएं हैं। अच्छी बात यह है कि कुछ सुरक्षित सेटिंग्स और नियमित सफाई से कंप्यूटर की परफॉर्मेंस में काफी सुधार किया जा सकता है।
सबसे पहले अनावश्यक Startup Apps बंद करें
कंप्यूटर चालू होते ही कई ऐप्स बैकग्राउंड में अपने आप शुरू हो जाते हैं। इससे Windows शुरू होने में अधिक समय लग सकता है और RAM तथा CPU पर अनावश्यक दबाव पड़ता है।
Windows में Task Manager खोलकर Startup Apps की सूची देखी जा सकती है। जिन ऐप्स की जरूरत Windows शुरू होते ही नहीं होती, उन्हें Disable किया जा सकता है। हालांकि सिस्टम या जरूरी ड्राइवर से जुड़े ऐप्स को बिना जानकारी के बंद नहीं करना चाहिए।
Temporary Files और अनावश्यक डेटा हटाएं
समय के साथ कंप्यूटर में temporary files और अन्य अनावश्यक डेटा जमा हो सकता है। इससे स्टोरेज कम होने पर सिस्टम की परफॉर्मेंस प्रभावित हो सकती है।
Windows की Storage Settings में जाकर Temporary Files की जांच करें और केवल वही फाइलें हटाएं जिनकी जरूरत नहीं है। Downloads या व्यक्तिगत फाइलें हटाने से पहले उन्हें जरूर जांच लें।
जिन Apps की जरूरत नहीं उन्हें Uninstall करें
कई बार कंप्यूटर में ऐसे प्रोग्राम मौजूद रहते हैं जिनका इस्तेमाल महीनों से नहीं किया गया है। ये स्टोरेज घेर सकते हैं और कुछ ऐप्स बैकग्राउंड में सेवाएं भी चला सकते हैं।
- Settings में जाकर Installed Apps की सूची देखें।
- जिन प्रोग्राम की जरूरत नहीं है उन्हें Uninstall करें।
- अनजान या सिस्टम से जुड़े जरूरी प्रोग्राम को बिना जानकारी के न हटाएं।
- किसी भी महत्वपूर्ण व्यक्तिगत फाइल का Backup पहले सुरक्षित रखें।
Windows और Drivers को अपडेट रखें
पुराने Windows या ड्राइवर की वजह से performance और compatibility से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए उपलब्ध Windows Updates को नियमित रूप से जांचना उपयोगी है।
Graphics, chipset और अन्य जरूरी hardware drivers के लिए निर्माता द्वारा उपलब्ध कराए गए विश्वसनीय अपडेट का इस्तेमाल करना बेहतर है। इंटरनेट से किसी अनजान वेबसाइट का driver डाउनलोड करने से बचें।
Browser को भी हल्का रखें
अगर कंप्यूटर का इस्तेमाल मुख्य रूप से इंटरनेट के लिए होता है, तो browser में बहुत ज्यादा extensions और खुले हुए tabs performance को प्रभावित कर सकते हैं।
जरूरत नहीं होने वाले extensions हटाएं और लंबे समय से खुले tabs बंद करें। Browser cache साफ करना भी कुछ परिस्थितियों में उपयोगी हो सकता है, लेकिन इससे वेबसाइटों से दोबारा लॉगिन करने की आवश्यकता पड़ सकती है।
Storage में पर्याप्त जगह खाली रखें
अगर सिस्टम ड्राइव लगभग पूरी तरह भर गई है, तो Windows के सामान्य कामकाज पर असर पड़ सकता है। इसलिए जरूरी फाइलों का Backup लेकर अनावश्यक डेटा हटाना या दूसरी ड्राइव में स्थानांतरित करना उपयोगी है।
बड़ी videos, पुराने installers और ऐसे documents जिन्हें रोज इस्तेमाल नहीं किया जाता, उन्हें व्यवस्थित करके दूसरी storage में रखा जा सकता है।
SSD से मिल सकता है बड़ा Performance Improvement
अगर आपके पुराने कंप्यूटर में अभी भी traditional hard disk यानी HDD लगी है, तो compatible होने पर SSD में upgrade करना performance सुधारने के सबसे प्रभावी तरीकों में से एक हो सकता है।
SSD लगाने के बाद Windows का startup, applications का loading और files तक पहुंचने की गति कई मामलों में काफी बेहतर हो सकती है। हालांकि वास्तविक performance आपके कंप्यूटर के processor, RAM, storage और इस्तेमाल के तरीके पर निर्भर करती है।
RAM कम है तो Upgrade पर विचार करें
अगर कंप्यूटर में RAM कम है और आप एक साथ कई applications चलाते हैं, तो सिस्टम धीमा महसूस हो सकता है। ऐसे मामलों में compatible RAM upgrade मदद कर सकता है।
लेकिन RAM बढ़ाने से पहले यह जांचना जरूरी है कि आपके laptop या motherboard में अतिरिक्त RAM slot उपलब्ध है या existing RAM को replace करना होगा।
Malware और अनजान Software से बचें
कभी-कभी संदिग्ध software या malware के कारण भी कंप्यूटर की performance खराब हो सकती है। Windows Security जैसे विश्वसनीय सुरक्षा उपकरण से नियमित scan करना उपयोगी है।
ऐसे “PC Booster” या “100% Speed Increase” वाले अनजान software को डाउनलोड करने से बचें जो बिना स्पष्ट कारण के सिस्टम की registry या महत्वपूर्ण files में बदलाव करने का दावा करते हैं।
क्या कंप्यूटर सच में 200% Faster हो सकता है?
“200% faster” एक निश्चित performance guarantee नहीं है। किसी भी कंप्यूटर की वास्तविक speed improvement उसके hardware, storage, RAM, processor, Windows version और वर्तमान समस्या पर निर्भर करती है।
अगर समस्या केवल startup apps, temporary files या अनावश्यक software की वजह से है, तो सफाई और settings बदलने से अच्छा सुधार मिल सकता है। वहीं बहुत पुराने hardware में केवल software settings बदलकर आधुनिक कंप्यूटर जैसी performance हासिल करना संभव नहीं होता।
कंप्यूटर और लैपटॉप को तेज रखने के लिए सबसे पहले अनावश्यक startup apps, temporary files और unused software को हटाना चाहिए। Windows और drivers को अपडेट रखना, पर्याप्त storage खाली रखना और जरूरत पड़ने पर SSD या RAM upgrade करना भी performance सुधारने में मदद कर सकता है।
सबसे जरूरी बात यह है कि “200% speed” जैसे दावों को निश्चित परिणाम न मानें। सही तरीका वही है जिसमें पहले कंप्यूटर की slowdown की वजह पहचानी जाए और फिर उसी के अनुसार सुरक्षित बदलाव किए जाएं।