धनिया के भाव को लेकर किसानों और व्यापारियों की नजर इन दिनों प्रमुख मंडियों पर बनी हुई है। मध्य प्रदेश की मंदसौर मंडी में धनिया के भाव में अच्छी मजबूती देखने को मिल रही है, जबकि पुणे मंडी में साबुत धनिया के बीज के भाव अलग स्तर पर कारोबार करते नजर आए। ऐसे में अलग-अलग मंडियों के ताजा भाव और बाजार की स्थिति को समझना किसानों के लिए महत्वपूर्ण है।
मंदसौर मंडी में धनिया के भाव ने पकड़ी मजबूती
24 अगस्त 2026 के उपलब्ध मंडी आंकड़ों के अनुसार मंदसौर मंडी में धनिया का न्यूनतम भाव 4,702 रुपये और अधिकतम भाव 7,486 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया। मॉडल भाव 6,100 रुपये प्रति क्विंटल रहा। वहीं इससे ठीक पहले उपलब्ध आंकड़ों में 23 अगस्त को मंदसौर मंडी का मॉडल भाव 13,150 रुपये प्रति क्विंटल बताया गया था। अलग-अलग रिकॉर्ड में फसल की किस्म और बाजार सत्र का अंतर होने के कारण इन आंकड़ों को सीधे एक-दूसरे से जोड़कर तेजी या गिरावट का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
धनिया बाजार में गुणवत्ता के अनुसार भाव में काफी अंतर रह सकता है। साफ-सुथरे, अच्छी रंगत और बेहतर गुणवत्ता वाले माल को सामान्य गुणवत्ता की तुलना में अलग भाव मिल सकता है। इसलिए केवल अधिकतम भाव देखकर पूरे बाजार की स्थिति का अनुमान लगाना सही नहीं है।
पुणे मंडी में धनिया बीज का क्या रहा हाल
पुणे एपीएमसी में साबुत धनिया के बीज का उपलब्ध हालिया रिकॉर्ड 5 अगस्त 2026 का है। उस दिन मॉडल भाव 12,000 रुपये प्रति क्विंटल रहा, जबकि न्यूनतम भाव 10,000 रुपये और अधिकतम भाव 14,000 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया था। इससे पहले 4 अगस्त को मॉडल भाव 13,000 रुपये प्रति क्विंटल था। उपलब्ध आंकड़ों से पता चलता है कि पुणे में धनिया बीज के भाव में अगस्त के शुरुआती दिनों में कुछ उतार-चढ़ाव रहा।
24 अगस्त के पुणे मंडी रिकॉर्ड में धनिये के बीज का भाव 11,000 से 13,000 रुपये प्रति क्विंटल के बीच दर्ज दिखाई देता है। इस आधार पर पुणे में धनिया बीज का बाजार 11 हजार से 13 हजार रुपये प्रति क्विंटल के आसपास बना हुआ दिखाई देता है।
धनिया और हरे धनिये के भाव में अंतर समझना जरूरी
यहां एक महत्वपूर्ण बात किसानों और आम खरीदारों को समझनी चाहिए। मंडी में “धनिया” और “हरा धनिया” एक ही कृषि उत्पाद के भाव नहीं हैं। धनिया के बीज का कारोबार सामान्यतः सूखे मसाले के रूप में होता है, जबकि हरा धनिया ताजी सब्जी के रूप में बिकता है। दोनों के भाव और बाजार की परिस्थितियां अलग होती हैं।
पुणे के अलग-अलग बाजारों में हरे धनिये के उपलब्ध रिकॉर्ड में भी अलग-अलग भाव दर्ज हुए हैं। उदाहरण के लिए, पुणे खडिकी में 7 अगस्त को हरे धनिये का मॉडल भाव 5 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया था, जबकि पुणे पिंपरी में 10 अगस्त को मॉडल भाव 8 रुपये प्रति क्विंटल रहा। इन आंकड़ों को धनिया बीज के भाव के साथ मिलाकर नहीं देखना चाहिए।
देश की प्रमुख मंडियों में धनिया का रुख
20 अगस्त 2026 के उपलब्ध मंडी आंकड़ों में धनिया के लिए मंदसौर, नीमच और गंज बासौदा जैसी मंडियों में अलग-अलग भाव दर्ज किए गए थे। मंदसौर में अधिकतम भाव 20,500 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंचा था, जबकि नीमच में अधिकतम भाव 15,114 रुपये और गंज बासौदा में 14,150 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया था।
इन मंडियों के बीच भाव में अंतर यह दिखाता है कि धनिया का बाजार एक समान नहीं रहता। आवक, माल की गुणवत्ता, स्थानीय मांग और उस दिन की बोली के आधार पर किसान को मिलने वाला वास्तविक भाव बदल सकता है।
किसान को मंडी ले जाने से पहले इन बातों पर विशेष ध्यान देना चाहिए:
- अपनी फसल की गुणवत्ता और किस्म के अनुसार भाव देखें।
- केवल अधिकतम भाव के आधार पर बिक्री का निर्णय न लें।
- न्यूनतम, अधिकतम और मॉडल भाव तीनों की तुलना करें।
- मंडी में उसी दिन की आवक और बोली की स्थिति भी समझें।
किसानों के लिए क्या संकेत मिल रहा है
मौजूदा आंकड़ों से इतना स्पष्ट है कि अलग-अलग मंडियों में धनिया के भाव में काफी अंतर बना हुआ है। मंदसौर जैसे प्रमुख बाजार में धनिया की मजबूत कीमतें दिखाई दे रही हैं, जबकि पुणे में धनिया बीज का कारोबार अलग मूल्य स्तर पर हो रहा है। हालांकि किसी एक दिन के अधिकतम भाव को पूरे बाजार की स्थायी तेजी मानना जल्दबाजी होगी।
मंडी भाव में दिन के दौरान भी बदलाव हो सकता है। किसान के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वह अपनी फसल की गुणवत्ता के हिसाब से उस दिन का मॉडल और वास्तविक बोली भाव जाने। इसी आधार पर मंडी में बिक्री का निर्णय लेना अधिक व्यावहारिक रहेगा।
निष्कर्ष
धनिया बाजार में इस समय मंडीवार अंतर साफ दिखाई दे रहा है। मंदसौर में धनिया के भाव मजबूत स्तर पर दर्ज हुए हैं, जबकि पुणे मंडी में धनिया बीज के उपलब्ध आंकड़े 11,000 से 13,000 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास का बाजार दिखाते हैं। वहीं हरे धनिये के भाव को अलग श्रेणी में देखना जरूरी है।
किसानों को मंडी में फसल बेचने से पहले उसी दिन का भाव, अपनी फसल की गुणवत्ता और मॉडल रेट जरूर देखना चाहिए। केवल किसी एक मंडी के ऊंचे भाव को देखकर दूसरे बाजार में बिक्री का फैसला करना उचित नहीं होगा।


